पंजाबी सेवा समिति ने पावन सत्संग का कराया आयोजन
Faridabad : हर साल कार्तिक माह की पूर्णिमा को गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। गुरु नानक जी सिख धर्म के संस्थापक तथा सिखों के प्रथम गुरु माने जाते हैं। गुरु नानक जयंती को गुरु पर्व या प्रकाश पर्व के रूप क्यों मनाया जाता हैये जानना भीबहुत महत्वपूर्ण हैदरअसल गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती को प्रकाश पर्व इसीलिए कहते हैं क्योंकि प्रकाश पर्व या प्रकाश उत्सव का अर्थ है मन से बुराइयों को दूर करते उसे सत्य, ईमानदारी, और सेवाभाव से प्रकाशित करना. गुरु नानक देव और गुरु गोबिंद सिंह ने समाज में ज्ञान का प्रकाश फैलाया था, इसीलिए इस दिन को इस नाम से जाना जाता है. इस खास दिन पर गुरुद्वारों को सजाया जाता है. नगर कीर्तिन, अरदास, भजन, कीर्तिन, प्रभात फेरी आयोजित होती हैं. साथ ही लंगर का भी आयोजन किया जाता है.
गुरु गोबिंद सिंह शौर्य और साहस का प्रतीक हैं, उन्होंने अंधकार को दूर किया. साथ ही उन्होंने खालसा वाणी दी, यानि वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह. इतना ही नहीं, खालसा पंथ (Khalsa Panth) की रक्षा के लिए गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगलों और उनके सहयोगियों से कई बार लड़ाई की. इसी वजह से उनके जन्मोत्सव को प्रकाश पर्व कहा जाता है. 
इसी कड़ी में श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व को समर्पित पवन सत्संग का आयोजन संपन किया गया, कार्यक्रम पंजाबी सेवा समिति, बाबा सूरदास कॉलोनी तिलपत द्वारा आयोजित किया गया रविवार को सुबह नौ बजे से ही सत्संग प्रेमियों के जत्थे कमुनिटी सेण्टर सेक्टर 91 में जमा होने लगे तथा लंगर की तैयारियां होने लगी थी, सत्संग में परम पूज्य गुरु श्री ब्रह्मदास जी के आगमन से सत्संगियोंको पावन सानिध्य प्राप्त हुआ, जब परम पूज्य गुरु श्री ब्रह्मदास जी का आगमन हुआ तब श्रदालुओं ने ह्रदय भावों से चरणों में फूल बिछाकर परम संत का आशीर्वाद लिया तथा स्वागत किया, उसके बाद सत्संग का रसपान किया गया, आसपास के क्षेत्र से आये सेकड़ों सत्संगियोंने सिख धर्म के संस्थापक तथा सिखों के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव के चरणों में समर्पित कर अपनी आकंठ आस्था को दर्शाते हुए गुरु का अशिओर्वाद प्राप्त कर खुद को भाग्यशाली समझा, सत्संग के बाद लंगर के रूप में गुरु प्रसाद का वितरण हुआ कार्यक्रम के आयोजन में मुख्या रूप से गुरु मंगत जी, योगीन्द्र, सुरेश , देवेन्द्र तथा गुरुनाम जी तथा उनके साथ अन्य सहयोगियों ने सहयोग देकर भूमिका निभाई, महिलाओं ने लंगर बनाने में विशेष सहयोग दिया, ऐसे कार्यक्रमों से धार्मिक आस्था के साथ मानवीय श्रद्दा तथा भाईचारे को भी बल मिलता है हम सभी कार्यक्रम सहयोगीयों का धनयबाद करते हुए सभी को प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाये देते है : सत्यपाल सिंह, संवादाता, सत्य हुंकार न्यूज़, हरियाणा 
