फरीदाबाद में अब तक मिला 2900 किलो विस्फोटक पदार्थ...
पुलिस कर रही है नए नए खुलासे
जाने अब तक क्या हुआ ?
फरीदाबाद में आतंकी गतिविधियों का बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल शकील को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट समेत भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद किए हैं।
10 दिन पहले हुआ था ऑपरेशन
फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र गुप्ता ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कार्रवाई करीब 10 दिन पहले गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। इसमें दो आतंकवादी पकड़े गए — एक को फरीदाबाद पुलिस और दूसरे को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया।
कमीश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि बरामद सामग्री में आरडीएक्स या एके-47 नहीं है, बल्कि अमोनियम नाइट्रेट जैसे रासायनिक पदार्थ मिले हैं। फिलहाल जांच राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनज़र गुप्त रखी जा रही है।
मुजम्मिल के किराए के कमरे से बरामदगी
आतंकी मुजम्मिल धौज के फतेहपुर तगा गांव में किराए के कमरे में रहता था। रविवार सुबह करीब 10 से 12 पुलिस की गाड़ियां उस मकान पर पहुंचीं। मुजम्मिल की निशानदेही पर वहां से 14 भारी बैग बरामद हुए, जिनमें 360 किलो विस्फोटक पदार्थ और उपकरण भरे हुए थे।
बरामदगी में एक कैननकाप राइफल, पांच मैगजीन, एक पिस्टल, सैकड़ों कारतूस, टाइमर-बैटरी, रिमोट, वॉकी-टॉकी सेट और इलेक्ट्रिक वायर शामिल हैं।
इमाम के घर से मिले 50 बोरे विस्फोटक
पुलिस ने आगे की जांच में मस्जिद के इमाम इरफान के घर से 50 बोरे और विस्फोटक पदार्थ बरामद किए। इनका वजन लगभग 2563 किलो बताया जा रहा है। पुलिस ने इन बोरों को पिकअप गाड़ियों में भरकर सुरक्षित स्थान पर भिजवाया है।
हालांकि, अधिकारी अभी यह स्पष्ट नहीं कर रहे कि इनमें कौन-सा रासायनिक विस्फोटक भरा हुआ था।
महिला डॉक्टर का भी जुड़ा नाम
जांच में एक नया मोड़ तब आया, जब पता चला कि मुजम्मिल जिस कार का इस्तेमाल करता था, वह एक महिला डॉक्टर के नाम पर रजिस्टर्ड है।
कार में AK-47 राइफल और कारतूस बरामद होने के बाद जब गाड़ी का नंबर सामने आया, तो महिला डॉक्टर खुद जम्मू पुलिस के पास पहुंची।
फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। डॉक्टर का नाम अभी तक उजागर नहीं किया गया है।
कैसे बेनकाब हुआ नेटवर्क
पूरी कहानी की शुरुआत जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में GMC के डॉ. आदिल अहमद राठर की गिरफ्तारी से हुई थी, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के पोस्टर लगाने के आरोप में पकड़ा गया। उसकी पूछताछ में फरीदाबाद कनेक्शन सामने आया, जिसके बाद पुलिस टीम ने यहां छापा मारा और मुजम्मिल को गिरफ्तार किया।
जब कुछ मीडिया अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास पहुंची, जहां डॉक्टर मुज्जमिल नौकरी करता था तो वहां का माहौल बेहद तनावपूर्ण नजर आया. आसपास के लोगों से जब बात करने की कोशिश की गई तो अधिकतर लोग कैमरे पर कुछ भी बोलने से बचते दिखे. कुछ लोगों ने ऑफ रिकॉर्ड कहा कि उन्हें डॉक्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उसने बताया कि वह तो सिर्फ गेट पर ड्यूटी करता है. जब टीम उस जगह पहुंची, जहां डॉक्टर मुज्जमिल किराए पर रहता था तो वहां के स्थानीय लोगों ने कवरेज करने से रोक दिया. उन्होंने धमकी दी कि अगर कैमरे से शूटिंग की गई तो मोबाइल फोन तोड़ देंगे. लोगों ने यह भी कहा कि यहां कुछ नहीं हुआ है और सब कुछ सामान्य
फरीदाबाद में पहले भी मिले हैं आतंकी
यह पहली बार नहीं है जब फरीदाबाद में आतंकियों का ठिकाना मिला हो।
मार्च 2024 में पाली गांव से अब्दुल रहमान नामक आतंकी पकड़ा गया था, जिसके पास हैंड ग्रेनेड मिले थे।
2006 में बल्लभगढ़ की जगदीश कॉलोनी से पाकिस्तानी आतंकी अबू हमजा को पकड़ा गया था।
2005 में नोएडा पुलिस ने आतंकी हनीफ को गिरफ्तार किया था, जिसने फरीदाबाद में नेटवर्क चलाने की बात कबूल की थी।