फालाह हस्तशिल्प सोसाइटी द्वारा कौशल विकास प्रशिक्षण का भव्य समापन, सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की मिली नई दिशा
फरीदाबाद। फालाह हस्तशिल्प सोसाइटी द्वारा आयोजित कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन एवं प्रमाणपत्र वितरण समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह महत्वाकांक्षी सामाजिक पहल भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के सहयोग से चलाई गई, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना रहा।

इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय महापौर श्रीमती प्रवीन बत्रा जोशी, नगर निगम फरीदाबाद रहीं। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली महिलाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि आज के युग में महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने की जरूरत है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के जीवन में नया आत्मविश्वास भरते हैं और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने की शक्ति देते हैं।
महापौर ने फालाह हस्तशिल्प सोसाइटी एवं BPCL की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास समाज की जड़ों को मजबूत करते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस कौशल का उपयोग कर स्वयं का रोजगार शुरू करें और अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ें।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय सचदेवा (सेक्रेटरी, HRS हेड), नदीम खान (BPCL), संदीप जोशी तथा उषा रानी (SHO, महिला थाना) उपस्थित रहीं। अपने संबोधन में संजय सचदेवा ने कहा कि उद्योग और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से ही समाज में वास्तविक बदलाव संभव है। वहीं BPCL के प्रतिनिधि नदीम खान ने कंपनी की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी और भविष्य में भी ऐसे प्रोजेक्ट्स में सहयोग जारी रखने की बात कही।
महिला थाना प्रभारी उषा रानी ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर जागरूक किया। उन्होंने घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और साइबर अपराध जैसी समस्याओं पर जानकारी देते हुए विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के साथ-साथ महिलाओं का सुरक्षित और जागरूक होना भी उतना ही जरूरी है।

कार्यक्रम में शाही राम, तुषार, हाजी रहीस, राजनेश, राम प्रसाद, राम पुकार ठाकुर, बांके बिहारी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक और क्षेत्र के लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक मील का पत्थर बताया।
फालाह हस्तशिल्प सोसाइटी के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को हस्तशिल्प, सिलाई, कढ़ाई एवं अन्य रोजगारोन्मुखी कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे घर बैठे भी अपनी आजीविका कमा सकें। कई महिलाओं ने मंच से अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण से उनके जीवन में आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन की नई उम्मीद जगी है।

समारोह के अंत में सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए और प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ नजर आया।
यह कार्यक्रम न केवल एक प्रशिक्षण का समापन था, बल्कि क्षेत्र की महिलाओं के लिए एक नए सशक्त भविष्य की शुरुआत भी साबित हुआ।

