दीक्षा पब्लिक स्कूल में वार्षिक खेल महोत्सव का शुभारम्भ !
दीक्षा पब्लिक स्कूल सेक्टर 91 में आज से खेल उत्सव का शुभारम्भ कर रहा है जो चार दिन तक चलेगा, स्कूली बच्चे अलग अलग खेलों में भाग ले रहे है, शिक्षा में खेलों के महत्व को महत्व देने के लिए दीक्षा पब्लिक स्कूल हर साल खेल उत्सव का आयोजन करता है क्योंकि दीक्षा पब्लिक स्कूल के मेनेजमेंट अत्याधुनिक खेल सुविधाएँ और अनुभवी प्रशिक्षक, छात्रों को खेलों के माध्यम से अपने शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कौशल विकसित करने के अवसर प्रदान करते हैं। खेल महोत्सव में अनेकों खेल जैसे, खो खो, बाधा दौड़, किकेट, कबड्डी, बोलीबोल, तथा अन्य खेलो की प्रतियोग्यता की जाती है प्रथम, दितित्य तथा तिर्तिया आने वाले छात्रों को शासन प्रशन के अधिकारी तथा वरिष्ठ समाज सेवियों द्वारा प्रोताशन के लिए मैडल दिए जाते है,
इसी कड़ी में खेल उत्सव के पहले ही दिन पल्ला थाना के sho सत्यप्रकाश जी को मुख्या अतिथि के तौर बुलाकर उनका सम्मान किया, जिन्होंने बच्चों के प्रोत्साहन के लिए विधिवत रूप से खेलों का शुभारम्भ किया, तथा खील जीते बच्चों के उत्साह बर्धन के लिए खेलो में जीतने पर मैडल देकर सम्मानित किया, पल्ला थाना के sho सत्यप्रकाश द्वारा कार्यक्रम का प्रारंभ विद्यालय के चारों सदन के मार्चपास्ट द्वारा किया गया । बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए ,जिसमें योग और व्यायाम आदि मुख्य आकर्षण रहे। जिन बच्चों ने प्रथम, दितीय तथा त्रितय स्थान प्राप्त किये उनमे नर्सरी सेक्शन अ से प्रथम आर्यन चौधरी, दितीय निमित तथा तीसरे स्थान पर रही माधवी सहित अन्य बच्चों को मैडल देकर सम्मानित किया
पल्ला थाना के धनाध्यक्ष सत्यप्रकाश ने बच्चों को संबोधित करते हुए समारोह के अंत में विद्यार्थियों को संदेश देते हुए उन्हें नशे की लत से दूर रहने की प्रेरणा दी। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों के साथ कुछ समय बिताने और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए प्रेरित किया उन्होंने कहा कि खेलकूद से छात्रों का आत्म-सम्मान, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे उन्हें समय प्रबंधन और अनुशासन की शिक्षा भी मिलती है। इसके अलावा, इसे करियर या शौक के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, इससे छात्रों को तनाव और अवसाद कम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा खेलकूद बच्चों को उनकी पढ़ाई से वंचित किए बिना सक्रिय और स्वस्थ रखने का एक बेहतरीन तरीका है। इसके अलावा, चिकित्सकीय रूप से सिद्ध हो चुका है कि शारीरिक गतिविधि संज्ञानात्मक और स्मृति कार्यों को बढ़ाती है, जिससे बच्चों को स्कूल में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है।
स्कूली शिक्षा में खेलों का महत्व इस तथ्य में निहित है कि वे बच्चों को कई तरह के कौशल सिखाते हैं और टीम वर्क को प्रोत्साहित करते हैं। इसके अलावा, खेल उनके नेतृत्व कौशल को निखार सकते हैं और उन्हें जीवन में अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम बना सकते हैं।
कार्यक्रम में मुख्यरूप से स्कूल के संस्थापक तथा भाजपा वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश रेक्स्वल तथा पूर्व पार्षद गीता रेक्स्वल तथा वरिस्थ समाज सेवी सत्यपाल सिंह ने पौधा और स्मृतिचिन्ह भेंट करके हरित संरक्षण का संदेश दिया तथा आये सभी मेहमानों के प्रति आभार प्रकट किया समारोह से पूर्व विद्यालय के स्टाफ और बच्चों ने दो मिनट का मौन रखते हुए कल दिल्ली में दिवंगत हुए निर्दोष लोगों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि प्रस्तुत की।
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